Prolegomena zu einer jeden künftigen Metaphysik, die als Wissenschaft wird auftreten können : von Immanuel Kant. Hrsg. von Karl Schulz
मुख्य लेखक: | |
---|---|
अन्य लेखक: | |
स्वरूप: | पुस्तक |
भाषा: | German |
प्रकाशित: |
Leipzig :
Reclam,
[1888]
|
श्रृंखला: | Universal-Bibliothek
2469 - 2470 |
विषय: |
भौतिक वर्णन: | 230 S. |
---|---|
बोधानक: | Series 7200(02469-2470 |